मोबाइल का आविष्कार किसने किया था

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मोबाइल का आविष्कार किसने किया था / Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya Tha: आज के समय में लोग क्रिकेट नही बल्कि स्मार्टफोन में हैवी ग्राफिक्स वाले गेम खेलना काफी पसंद करते है। मोबाइल फ़ोन के इन्वेंशन ने दुनिया को बहुत छोटा और आसान-सा बना दिया हैं।

यदि आपके पास एक स्मार्टफ़ोन है। और साथ ही इंटरनेट भी। तो आप पुरे विश्व की खबरों से घर बैठे रु-बरू हो सकते है। अपने दोस्तों व रिश्तेदारों से दूर होते हुए भी जुड़े रह सकते है। आज के स्मार्टफ़ोन से न केवल कॉल्स और एसएमएस के माध्यम से बल्कि सोशल मीडिया के जरिये भी आप अपनों से जुड़े रह सकते है।

पर आपको यह शायद ही पता होगा कि विश्व के पहले मोबाइल फ़ोन की कीमत 2 लाख से भी अधिक थी। जिससे केवल एक बार चार्ज करने पर उससे मात्र 30 मिनट बात की जा सकती थी।

स्मार्टफोन के आविष्कार ने आज उन कार्यो को सामान्य व आसान बना दिया है। जिनके बारे में शायद आज से 20 वर्ष पहले कभी किसी ने नही सोचा होगा। यदि आज के समय में आपके पास स्मार्टफोन है। तो आपको न तो घड़ी पहनने की आवश्यकता है। और न ही वॉलेट रखने की। क्योकि आज के समय में सब कुछ डिजिटल होता जा रहा है। हमारे लगभग सारे काम स्मार्टफोन ही कर देता है।

हम सभी डेली कई घंटे अपने स्मार्टफोन पर बिजी रहते हैं। पर क्या आप जानते हैं। कि आखिर इतने उपयोगी मोबाइल का आविष्कार किसने किया था। और फोन का आविष्कार कब हुआ था? अगर नहीं तो Information And Knowledge के इस लेख में हमने दुनिया के पहले फ़ोन के आविष्कार के विषय पर बात की हैं। जिससे के बारे में आप आगे जानने वाले है।

मोबाइल का आविष्कार किसने किया था? / Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya Tha?

  • फ़ोन क्या है?
  • मोबाइल का आविष्कार किसने किया
  • विश्व के सबसे पहले मोबाइल फोन का वजन, बैटरी बैकअप व कीमत
  • मोबाइल फोन की बिक्री मार्केट में कब से शुरू हुई
  • विश्व के पहले फोन का आविष्कार कब हुआ?
  • सबसे पहले मोबाइल का नाम क्या था?
  • मोबाइल फोन भारत में कब आया?
  • पहली मोबाइल सर्विस भारत में किसने शुरू की
  • पहली मोबाइल टेलीफोन सेवा कंहा उपलब्ध हुई थी?
  • दुनिया का पहला मोबाइल कॉल कब किया गया था?
  • पहला मोबाइल कॉल भारत में कब किया गया था?
  • भारत में पहला मोबाइल कॉल कंहा किया गया था?
  • मोबाइल फोन सर्विस की विभिन्न देशों में शुरुआत
  • मोबाइल फोन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य
  • फ़ोन के आविष्कारक मार्टिन कूपर का जीवन-परिचय

टेलीफोन का आविष्कार किसने किया था? / Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya Tha?

  • टेलीफोन क्या है?
  • टेलीफोन को हिंदी में क्या कहते हैं?
  • टेलीफोन का आविष्कार किसने किया था?
  • टेलीफोन का आविष्कार कब हुआ था?
  • का आविष्कार आखिर कैसे हुआ था?
  • भारत में पहला टेलीफोन
  • क्या अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था?
  • निष्कर्ष

फ़ोन क्या है?

यह एक ऐसा यंत्र है। जिसके माध्यम से दो व्यक्ति जो दूर होते हुए भी एक दूसरे से आपस में बात कर सकते हैं। यदि कोई इंसान दुनिया के एक कोने में और दूसरा इंसान दुनिया के दूसरे कोने में भी बैठा है। तो वह एक-दूसरे से फोन के माध्यम जुड़े रह सकते हैं।

मोबाइल का आविष्कार किसने किया था? / Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya Tha?

अमेरिकन इंजीनियर मार्टिन कूपर (Martin Cooper) ने मोबाइल फोन का आविष्कार किया था। मोबाइल फोन का जन्मदिन 3 अप्रैल 1973 को दर्ज किया गया। यही वज़ह दिनाक है। जब सर्वप्रथम मोबाइल फ़ोन का उपयोग किया गया था। यानी इस दिन विश्व का पहला मोबाइल फोन लांच हुआ। आपको बता दे की मोटरोला कंपनी ने दुनिया का पहला मोबाइल फोन लांच किया था। 1970 में मोटरोला कंपनी इंजीनियर मार्टिन कूपर ने ज्वाइन की थी। जॉइनिंग होने के साथ ही मार्टिन कूपर वायरलेस काम करने लगे थे। और 1973 मतलब केवल 3 साल में उन्होंने वह कर दिखाया। जिसका सपना आज से पहले किसी ने कभी नहीं देखा था।

विश्व के सबसे पहले मोबाइल फोन का वजन, बैटरी बैकअप व कीमत

पहला मोबाइल फ़ोन जो की मार्टिन कूपर द्वारा बनाया गया था। उसका वजन लगभग 1.1 Kg था। वही इस मोबाइल फ़ोन की बड़ी सी बैटरी को कंधे पर लटकाकर चलना पड़ता था। एक बार मोबाइल फ़ोन चार्ज हो जाने के बाद 30 मिनट तक उस मोबाइल फ़ोन से बातें कि कि जा सकती थी। पर उस फ़ोन को दोबारा चार्ज करने में 10 घंटे का वक्त लगता था। मोबाइल फोन की वर्ष 1973 में कीमत तक़रीबन 2700 अमेरिकी डॉलर यानी 2 लाख रूपए थी।

मोबाइल फोन की बिक्री मार्केट में कब से शुरू हुई?

0G (Zero Generation) पहले मोबाइल फोन को कहा जाता था। यह मोबाइल फ़ोन 1973 में लांच हुआ था। इस मोबाइल फ़ोन के आविष्कार के 10 वर्ष बाद साल 1983 में आम लोगों के लिए मोटोरोला पहली बार मोबाइल बाजार में लाया। जिसका नाम Motorola DynaTAC 8000X रखा गया था। इस मोबाइल फ़ोन को एक बार चार्ज कर लेने के बाद इससे 30 मिनट तक बाते की जा सकती थी। साथ ही 30 मोबाइल नंबर भी इसमें सेव किए जा सकते था। और उस वक्त 3995 अमेरिकी डॉलर यानी ₹ 295669 इसकी कीमत रखी गयी थी।

विश्व के पहले फोन का आविष्कार कब हुआ?

एलेग्जेंडर ग्राहम बेल (Alexander Graham Bell) ने सन 1876 में टेलीफोन का आविष्कार किया था। 1890 के दशक में वायरलेस टेक्नोलॉजी को सिद्धांतो के साथ Guglielmo Marconi ने इंट्रोड्यूस किया था। उसके पश्चात दोनों ही क्षेत्रों में कई विद्वान कार्य करने लगे।

कुछ इनमे से ऐसे भी थे जो दोनों तकनीकी को मिलाकर एक ऐसे यंत्र का निर्माण करना चाहते थे। जिससे दो या दो से अधिक व्यक्ति बिना किसी केबल के आपस में बात कर सकें। और इसी तकनीक में में रुचि रखने वाले मार्टिन कूपर ने मोटोरोला कम्पनी को 1970 में एक इंजीनियर के तौर पर ज्वाइन किया। और वर्ष 1973 में मार्टिन ने पहले फोन का आविष्कार किया। साथ ही आपको बता दे की दुनिया का पहला फ़ोन भी मोटोरोला का ही था।

सबसे पहले मोबाइल का नाम क्या था?

पुरे विश्व के पहले मोबाइल का नाम Motorola DynaTAC था। जिसका वजन करीब 2.5 पाउंड यानी 1.1 किलोग्राम व 9 इंच का था। मोबाइल कॉल इंडस्ट्री और टेलीकॉम इंडस्ट्री की शुरुआत मार्टिन कूपर (Martin Cooper) के इस आविष्कार के बाद से होने लगी।

एक दशक तक मार्टिन कूपर के द्वारा आविष्कार किये गए पहले मोबाइल फोन की खामियों को दूर करने का प्रयास जारी रहा है। साथ ही सेलुलर नेटवर्क को भी बेहतर बनाने पर काम देश में किया जाता रहा। लगभग 10 वर्ष बाद 1983 में सामान्य लोगों के लिए मोटोरोला ने Motorola DynaTAC 8000X मोबाइल फोन बाजार में उतारा।

Motorola DynaTAC 8000X फ़ोन की कीमत 3995 डॉलर यानी कि 2.80 लाख रुपये थी। जिसकी बैटरी 6 घण्टे तक चलती थी। साथ ही 30 लोगो के कॉन्टेक्ट्स इसमें सेव किये जा सकते थे।

पहले ऑटोमेटेड मोबाइल फ़ोन सिस्टम कब शुरू की गयी? और कँहा पर?

पहली ऑटोमेटेड मोबाइल फ़ोन सिस्टम सन 1956 में Sweden में शुरू की गयी थी। शुरू में ये केवल प्राइवेट व्हीकल्स में ही दी जा रही थी। उस समय एक कार में इस डिवाइस को इंस्टॉल किया जाता था। और वैक्यूम तुबे टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल होता था। वो भी रोटरी डायल के साथ। लगभग 40Kg इसका वजन था।

मोबाइल फोन भारत में कब आया?

विश्व के पहले मोबाइल (DynaTAC 8000X) के बनने के 12 वर्ष बाद 31 जुलाई, 1995 को भारत में मोबाइल फोन का आगमन हुआ। भारत में दूरसंचार सेवाओं के विस्तार के लिए 1997 में ट्राई (टेलीकॉम रेगुलेटरी ऑथोरिटी ऑफ़ इंडिया / Telecom Regulatory Authority of India) की स्थापना की गयी।

पहली मोबाइल सर्विस भारत में किसने शुरू की

मोबाइल सेवा भारत में शुरू करने की कोशिश वर्ष 1994 के मध्य से ही भारत के उद्यमी भूपेन्द्र कुमार मोदी द्वारा की जाने लगी थी। देश में पहली बार मोबाइल सेवा का प्रारम्भ उन्हीं की कंपनी ‘Modi Telstra’ ने किया। और कोलकता से दिल्ली पहला मोबाइल काॅल इसी कंपनी के नेटवर्क से किया गया था। और आगे चलकर ‘Spice Mobiles’ के नाम से इस कंपनी को जाना गया।

पहली मोबाइल टेलीफोन सेवा कंहा उपलब्ध हुई थी?

साल 1926 में Deutsche Reichsbahn के फर्स्ट क्लास यात्रियों को पहली मोबाइल टेलीफोन सेवा प्रदान की गयी थी। जो यात्री Berlin और Hamburg के बीच सफ़र कर रहे थे।

दुनिया का पहला मोबाइल कॉल कब किया गया था?

मार्टिन कूपर ने 3 अप्रैल 1973 को दुनिया का पहला मोबाइल कॉल किया था। और यह कॉल न्यूयार्क से न्यूजर्सी जोएल एस एंजेल को की गयी थी।

पहला मोबाइल कॉल भारत में कब किया गया था?

31 जुलाई 1995 को वेस्ट बंगाल के तत्कालीन मुख्यमंत्री ज्योति बसु (Jyoti Basu)ने पूर्व केंद्रीय संचार मंत्री सुखराम से पहली बार मोबाइल कॉल कर बात की थी।

भारत में पहला मोबाइल कॉल कंहा किया गया था?

भारत में पहला मोबाइल कॉल मोबाइल नेट नेटवर्क का उपयोग करके साल 1995 में कोलकाता के राइटर्स बिल्डिंग से दिल्ली स्थित संचार भवन के बीच किया गया था। लोगों तक इस सेवा को पहुंचाने में नोकिया के हैंडसेट की हेल्प ली गई थी।

मोबाइल फोन सर्विस की विभिन्न देशों में शुरुआत

विश्व की पहली कॉमर्शियल सेल्युलर फोन सेवा एनटीटी (NTT) नामक जापानी कंपनी ने साल 1979 में टोक्यो में शुरू की थी। उसके बाद डेनमार्क, फिनलैंड, नॉर्वे और स्वीडन में मोबाइल फोन सर्विस साल 1981 में स्टार्ट हुई थी। अमेरिका के शिकागो शहर में साल 1983 में अमेरिटेक नाम से 1-जी टेलीफोन नेटवर्क (1-G telephone network) की शुरुआत हुई थी। फर्स्ट मोबाइल फोन सर्विस को इंडिया में दिल्ली में गैर-व्यावसायिक तौर पर 15 अगस्त, 1995 को शुरू किया गया था।

मोबाइल फोन से जुड़े कुछ रोचक तथ्य

  • फर्स्ट मोबाइल फ़ोन का वजन 1.1 Kg था। साथ ही यह फ़ोन 13 सेमी मोटा व 4.45 सेमी चौड़ा था।
  • जंहा आज के समय के मोबाइल को चार्ज होने में 15 से 20 मिनट का समय लगता है। व बैक अप कैपेसिटी 1 से 2 दिन होती है। पर विश्व के पहले मोबाइल को चार्ज होने में 10 घंटे का समय लगता था। लेकिन फिर भी यह केवल 30 मिनट तक ही चल पाता था।
  • पहले मोबाइल हैंडसेट को 1983 में मोटोरोला ने बाजार में उतारा था। उसका मूल्य लगभग दो लाख रुपए था। और इसका नाम Dyna TAC 8000x रखा गया था।
  • जापान में 1979 में फर्स्ट जनरेशन (1G) टेक्नोलॉजी की शुरुआत हुई थी। जिसकी सहायता से एक बार में कई लोग आपस में कॉल कर सकते थे।
  • फ़िनलैंड (Finland) में 1991 में 2G टेक्नोलॉजी की शुरुआत हुई थी।
  • 3G टेक्नोलॉजी 2G टेक्नोलॉजी की शुरुआत के पूरे 10 साल बाद आयी था। जिसे जापान की कंपनी NTT DoCoMo ने स्टार्ट किया था।

फ़ोन के आविष्कारक मार्टिन कूपर का जीवन-परिचय

संयुक्त राज्य अमेरिका के शिकागो शहर में 1928 में मार्टिन कूपर का हुआ था। शिकागो शहर से ही मार्टिन ने अपनी शुरुआती प्राप्त की।

उसके बाद साल 1957 में Illinois Institute of Technology से मार्टिन ने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली। मार्टिन ने मोटरोला के साथ वर्ष 1954 से काम करना शुरू कर दिया। और कंपनी में एग्जीक्यूटिव की पोस्ट पर साल 1970 में मार्टिन को प्रमोट कर दिया गया।

टेलीफोन का आविष्कार किसने किया था? / Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya Tha?

टेलीफोन क्या है?

यह एक ऐसा यंत्र हैं। जिसकी सहायता से से दो या दो से अधिक लोग दुनिया के अलग अलग कौन में होने के बावजूद भी एक दूसरे से बात कर सकते हैं। सरल भाषा में ‘टेलीफोन’ एक टेलीकम्युनिकेशन डिवाइस है। जिसकी सहायता से एक दूसरे से दूर होते हुए भी दो या दो से अधिक लोग आपस में बातचीत कर सकते हैं।

टेलीफोन को हिंदी में क्या कहते हैं?

हिंदी में टेलीफोन (Telephone) को दूरभाष या दूरभाषी यंत्र कहते है।

टेलीफोन का आविष्कार किसने किया था?

टेलीफोन के आविष्कारक को ‘अलेक्जेंडर ग्राहम बेल‘ (Alexander Graham Bell’) के नाम से जाना जाता है। ‘अलेक्जेंडर ग्राहम बेल‘ (Alexander Graham Bell’) ने ही टेलीफोन का आविष्कार किया था।

यह एक एक लोकप्रिय स्कॉटिश वैज्ञानिक थे। जिन्होंने टेलीफोन सहित ऑप्टिकल-फाइबर सिस्टम (optical-fiber system), फोटोफोन (photophone), बेल (bell) और डेसिबॅल यूनिट (decibel unit) और मेटल-डिटेक्टर (metal-detector) जैसे कई बड़े आविष्कार किए थे। पर ‘अलेक्जेंडर ग्राहम बेल‘ को मुख्य रूप से टेलीफोन के आविष्कार की वजह से ही जाना जाता है।

टेलीफोन का आविष्कार कब हुआ था?

2 जून 1875 में स्कॉटिश वैज्ञानिक अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था। इसके आविष्कार में अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टॉमस वॉटसन की मदद ली थी।

उसके बाद 7 मार्च 1876 को अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने इसका पेटेंट अपने नाम करा लिया। मतलब आधिकारिक रूप से अलेक्जेंडर ग्राहम बेल टेलीफोन के आविष्कारक बन गए।

टेलीफोन का आविष्कार आखिर कैसे हुआ था?

टेलीफोन के आविष्कारक की माँ व पत्नी दोनों ही बहरी थी। जिस कारण अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को ध्वनि विज्ञान का अच्छा ज्ञान था। अलेक्जेंडर का यह का मानना था की टेलीग्राफ तार के माध्यम से ध्वनि के सिगनल्स भेजे जा सकते हैं। उनकी इसमें काफी रुचि भी थी। और इसी रुचि के चलते अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने इस पर शोध कार्य शुरू कर दिया। अलेक्जेंडर ग्राहम बेल‘ (Alexander Graham Bell’) ने अपने साथ एक सहायक ‘थॉमस वॉटसन‘ (‘Thomas Watson’) को रखा। जिन्होंने अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की टेलीफोन की खोज में काफी मदद की।

लम्बे वक्त तक कई प्रयोग के बावजूद भी अलेक्जेंडर ग्राहम बेल और थॉमस को टेलीग्राफ तार के माध्यम से ध्वनि संचरण करने में सफलता नही मिल रही थी। बेल और वॉटसन 2 जून 1875 के दिन भी अपनी खोज में लगे हुए थे। अलेक्जेंडर ग्राहम बेल की पेंट पर काम करते समय अचानक हल्का तेजाब गिर गया। और उन्होंने वॉटसन को सहायता के लिए पुकारा। पहले तो सब कुछ सामान्य-सा लगा। पर वॉटसन को अचानक से एहसास हुआ की यह आवाज उनके समीप रखे उपकरण से आ रही हैं।

और यही वह दिन था। जब टेलीफोन का आविष्कार अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने सफलतापूर्वक किया। उसके बाद आधिकारिक रूप से अलेक्जेंडर ग्राहम बेल को साल 1976 में टेलीफोन के आविष्कारक के रूप में स्वीकार किया गया।

भारत में पहला टेलीफोन

भारत में सबसे पहले ओरिएण्टल टेलीफोन कंपनी लिमिटेड इंग्लैंड’ ने 1881 में कोलकाता, बोम्बे, मद्रास (चेन्नई) और अहमदाबाद में टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित किये थे। प्रथम औपचारिक टेलीफोन सेवा 28 जनवरी 1882 में कुल 93 ग्राहकों के साथ शुरू की गई। भारत में टेलीफोन एक्सचेंज की स्थापना करने के लिए 1880 में दो टेलीफोन कंपनियों द ओरिएंटल टेलीफोन कंपनी लिमिटेड और एंग्लो इंडियन टेलीफोन कंपनी लिमिटेड ने सरकार से संपर्क किया। इस आधार पर इस अनुमति को अस्वीकृत कर दिया गया कि टेलीफोन की स्थापना करना सरकार का एकाधिकार था। खुद यह काम सरकार शुरू करेगी। अपने पहले फैसले के खिलाफ 1881 में सरकार ने इंग्लैंड की ओरिएंटल टेलीफोन कंपनी लिमिटेड को कोलकाता, मुम्बई, चेन्नई (मद्रास) व अहमदाबाद में टेलीफोन एक्सचेंज खोलने के लिए एक लाइसेंस दिया। जिससे देश में पहली औपचारिक टेलीफोन सेवा की स्थापना 1881 में हुई। ‘केन्द्रीय एक्सचेंज’ कोलकाता के एक्सचेंज का नाम था। जो एक्सचेंज 7 काउंसिल हाउस स्ट्रीट इमारत की तीसरी मंजिल पर खोला गया था। 93 ग्राहक केन्द्रीय टेलीफोन एक्सचेंज के थे। टेलीफोन एक्सचेंज का उद्घाटन बॉम्बे में 1882 में किया गया।

क्या अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था?

लगभग 90 प्रतिशत लोगो का यही मानना है की अलेक्जेंडर ग्राहम बेल ने टेलीफोन का आविष्कार किया था। पर जब आप गूगल पर यह सर्च करेंगे की टेलीफोन का आविष्कार किसने किया / Telephone Ka Avishkar Kisne Kiya तो आपके सामने अलेक्जेंडर ग्राहम बेल के अलावा तीन और नाम सामने आएंगे। जिसमे पहला नाम तो अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का होगा ही। लेकिन सेकंड नाम – Antonio Meucci और थर्ड नाम – Amos Dolbear का होगा।

आखिर ऐसा क्यों? – जानिए वजह

हम सभी इस बात से अच्छी तरह से परिचित हैं। कि जितने भी बड़े आविष्कार आज तक हुए हैं। उन सभी अविष्कार के पीछे कई बड़े-बड़े वैज्ञानिकों का हाथ रहा है। कोई सिद्धांत देता तो कोई फॉलो करता है। तो कोई उससे जुड़ा यंत्र सफलतापूर्वक बना देता है।

टेलीफोन के आविष्कार को लेकर भी कुछ ऐसा ही है। टेलीफोन के आविष्कार में भी Alexandra Graham Bell के साथ Charles Bourseul, Johann Philipp Reis, Antonio Meucci, Charles Grafton Page, Innocenzo Manzetti व Elisha Gray जैसे कइयों का नाम शामिल है।

टेलीफोन के आविष्कार में इन सभी वैज्ञानिकों का अपना-अपना महत्वपूर्ण योगदान रहा है। पर अलेक्जेंडर ग्राहम बेल का इस अविष्कार में जितना योगदान है। उतना अन्य किसी वैज्ञानिक का नहीं हैं। साउंड वेव्स और इलेक्ट्रिकल Impulses का इलेक्ट्रिकल स्पार्क में रूपांतरण के बारे में Amos Dolbear ने खोज की थी।

सन 1854 में एक वॉइस कम्युनिकेटिंग डिवाइस की खोज Antonio Meucci ने की थी। जिसे टेलेटरोफोनो नाम दिया गया था।

पर आख़िरकार सन 1975 में टेलीफोन का आविष्कार अलेक्जेंडर ग्रह बेल ने किया। व सन 1976 में आधिकारिक तौर पर इस आविष्कार को अपने नाम करवाने में सफल हुए।

जहां दूअन्य सरे वैज्ञानिक टेलीफोन सिस्टम बनाने में हुए तो वही बेल ने इसमें सफलता हासिल की। मतलब कहा जा सकता है की टेलीफोन इंडस्ट्री की शुरुआत बेल ने ही की। अगर अलेक्जेंडर ग्रह बेल ने इसकी शुरुवात नहीं की होती तो आज हमारे पास इस तरह के स्मार्टफोन्स शायद नहीं होते।

निष्कर्ष

हम आशा करते है की आपको Information And Knowledge द्वारा इस आर्टिकल मोबाइल का आविष्कार किसने किया था / Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya Tha में दी गयी जानकारी पसंद आयी होगी। अगर आपको यह आर्टिकल मोबाइल का आविष्कार किसने किया था / Mobile Ka Avishkar Kisne Kiya Tha अच्छा लगा हो तो इसे शेयर करना न भूले।

धन्यवाद

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